लेखनी प्रतियोगिता -25-Jan-2023प्रतियोगिता अपना
एक अपना हुआ जो रास ना आया, दिन गुजरता गया कोई उसके पास ना आया!, वो दीवाना था मोहब्बत का, सब कुछ लुटाया उसने पर कोई काम ना आया,!करता रहा वो सबके लिए कुछ ना कुछ, किसी ने मतलबी कहा और कोई उसके काम ना आया,!चलता रहा सफर उसका भले ही कोई मुकाम ना आया,!बदनसीबी रही कुछ इस कदर मेहरबान उस पर, के नींद ना हिस्से आयी उसको, ना कोई सुकून आया!, जिसपे किया भरोसा उसने वो तो आजमा गये उसको, कम्बख्त उसको तो इश्क मिला ना नजराना मोहब्बत आया,! 🙏जय हिन्द 🙏 🙏 सुशील कुमार पाण्डेय 🙏 ❤️🌹🙏spps❤️🌹🙏
sunanda
11-Feb-2023 11:29 AM
nice
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Babita patel
01-Feb-2023 05:36 AM
nice one
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madhura
29-Jan-2023 12:20 PM
nice
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